दिशा रवि की गिरफ्तारी पर DCW ने दिल्ली पुलिस को भेजा नोटिस, गिरफ्तारी पर मांगी रिपोर्ट

पर्यावरण एक्टिविस्ट दिशा रवि की गिरफ्तार पर दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) ने सवाल उठाए हैं। इस संबंध में दिल्ली महिला आयोग ने दिल्ली पुलिस को एक नोटिस भेज कर रिपोर्ट मांगी है।

दिशा की गिरफ्तारी पर डीसीडब्ल्यू ने उठाए सवाल
दिल्ली पुलिस द्वारा 21 वर्षीय पर्यावरण एक्टिविस्ट दिशा रवि की गिरफ्तारी पर आज 16 फरवरी को दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालीवाल ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया है। स्वाती मालीवाल ने कहा कि दिशा रवि की गिरफ्तारी में कानूनी प्रक्रियाओं का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। ध्यान रहे कि दिल्ली पुलिस ने दिशा रवि को 13 फरवरी को बेंगलुरू से गिरफ्तार किया था, दिशा रवि के ऊपर साजिश और राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया है।

डीसीडब्ल्यू ने दिल्ली पुलिस को नोटिस भेजा
दिल्ली पुलिस को भेजे नोटिस में दिल्ली महिला आयोग ने कहा है कि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिशा रवि को 13 फरवरी, 2021 को बेंगलुरू से दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था, मीडिया में कुछ कार्यकर्ताओं की तरफ से यह आरोप लगाए जा रहे हैं कि दिल्ली पुलिस उसे बेंगलुरू से दिल्ली बगैर उसके ठिकाने की जानकारी का खुलासा किए ले गई, इस बात की जानकारी दिशा रवि के माता-पिता को भी नहीं थी। दिल्ली महिला आयोग के नोटिस यह भी आरोप लगाए गए हैं कि दिशा रवि को ट्रांजिट रिमांड के लिए स्थानीय कोर्ट में पेश किए बगैर बेंगलुरू से दिल्ली लाया गया।

डीसीडब्ल्यू ने दिल्ली पुलिस से रिपोर्ट मांगी
दिल्ली महिला आयोग के मुताबिक, मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि दिशा रवि को दिल्ली कोर्ट में उनकी पसंद के वकील की गैर-मौजूदगी में पेश किया गया। दिल्ली महिला आयोग ने इस मामले में संविधान के अनुच्छेद 22 (1) का हवाला दिया है। दिल्ली महिला आयोग ने इस मामले में दिल्ली पुलिस से 19 फरवरी तक मामले की जानकारी देने की मांग की है।

कानून का किया गया है पालन- SN श्रीवास्तव
दिल्ली पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव ने आज कहा कि जलवायु एक्टिविस्ट दिशा रवि की गिरफ्तारी कानून के अनुरूप की गई है, जो 22 से 50 वर्ष की आयु के लोगों के बीच कोई भेदभाव नहीं करता। उन्होंने कहा कि यह गलत है जब लोग कहते हैं कि 22 वर्षीय एक्टिविस्ट की गिरफ्तारी में चूक हुई है, दिशा रवि को 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है और मामले की जांच जारी है।

दिशा ने ग्रेटा को टूलकिट भेजी थी- दिल्ली पुलिस
ध्यान रहे कि दिशा रवि को तीन कृषि कानूनों से संबंधित किसानों के विरोध प्रदर्शन से जुड़ी ‘टूलकिट’ सोशल मीडिया पर साझा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि फ्राइडे फॉर फ्यूचर कैम्पेन की संस्थापकों में से दिशा रवि ने ‘टेलीग्राम ऐप’ के जरिए जलवायु परिवर्तन एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग को यह ‘टूलकिट’ भेजी थी और इस पर कार्रवाई के लिए उन्हें मनाया था। गौरतलब है कि 4 फरवरी को दिल्ली पुलिस ने टूलकिट को लेकर अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था, आरोप है कि दिशा रवि ने किसानों से जुड़े टूलकिट को एडिट किया और उसमें और उसमें कुछ चीजें जोड़ीं और उसे आगे भेजा।

क्या होता है टूलकिट ?
टूलकिट (Toolkit) किसी मुद्दे को समझाने के लिए बनाया गया एक डॉक्यूमेंट होता है, जिसको किसी थ्योरी को प्रैक्टिकल के रूप में समझाने के लिए बनाया जाता है। आसान भाषा में कहें तो किसी भी आंदोलन या कार्यक्रम को शुरू करने और फिर उसका दायरा बढ़ाने के लिए कुछ एक्शभन पॉइंट्स तैयार किए जाते हैं, इन एक्श न पॉइंट्स को जिस दस्तावेज में दर्ज किया जाता है उसे ही टूलकिट कहते हैं। टूलकिट को उन्हीं लोगों के बीच शेयर किया जाता है, जिनकी मौजूदगी से आंदोलन का असर बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

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