भारत के युवा पहलवान रवि दहिया ने आज टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत को कुश्ती का सिल्वर मेडल दिलाया है। गोल्ड मेडल के लिए जारी मुकाबले में आज रवि दहिया रुस के पहलवान जावुर युवुगेव को मात नहीं दे सके और उनके हाथ से गोल्ड मेडल फिसल गया।
कुश्ती में रवि दहिया ने जीता सिल्वर मेडल
रवि दहिया ने आज 5 अगस्त को भारत को टोक्यो ओलंपिक 2020 में कुश्ती का सिल्वर मेडल दिलाया है। रवि दहिया को आज रूस के पहलवान जावुर युवुगेव से 57 किलोग्राम भार वर्ग की फ्रीस्टाइल कैटिगरी में हार का सामना करना पड़ा। फाइनल मुकाबले की शुरुआत से ही रूसी पहलवान जावुर युवुगेव ने अपनी बढ़त बना ली थी, जिसे रवि दहिया कड़ी टक्कर देने के बाद भी अंत तक खत्म नहीं कर पाए। जावुर युवुगेव ने अपने बेहतरीन डिफेंस का नजारा पेश किया और अंकों के आधार पर फाइनल मुकाबला 7-4 से जीता।
जावुर युवुगेव ने रवि दहिया को हराकर जीता गोल्ड मेडल
रवि दहिया ने पहले राउंड के शुरुआत में 2-2 की बराबरी कर ली थी, लेकिन फिर रूसी पहलवान जावुर युवुगेव ने जबरदस्त वापसी करते हुए स्कोर को 4-2 कर दिया था, इसके बाद जावुर युवुगेव ने रवि दहिया को कोई मौका नहीं दिया। एक समय पर जावुर युवुगेव 7-2 से आगे चल रहे थे, लेकिन तभी रवि दहिया ने 2 पॉइंट और हासिल कर लिए, इस तरह रूस के पहलवान जावुर युवुगेव ने 7-4 से फाइनल मुकाबला जीतकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।
टोक्यो ओलिंपिक में रवि दहिया का सफर
रवि दहिया का सफर टोक्यो ओलिंपिक 2020 में कमाल का रहा और उन्होंने सबसे पहले राउंड 16 में कोलंबिया के पहलवान को 13-2 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी, इसके बाद क्वार्टर फाइनल में उन्होंने बुल्गारिया के पहलवान को 14-4 के बड़े अंतर से चित किया और सेमीफाइनल में पहुंच गए। सेमीफाइनल में रवि दहिया को कजाकिस्तान के पहलवान से कड़ी टक्कर मिली साथ ही साथ कजाक पहलवान ने उन्हें दांतो से भी काटा, इसके बावजूद वो मैदान पर डटे रहे और आखिरकार जीत उनकी झोली में आई।
फाइनल में पहुंचने वाले दूसरे रेसलर थे रवि दहिया
ध्यान रहे कि रवि दहिया ओलिंपिक में भारत की तरफ से फाइनल मुकाबले में पहुंचने वाले दूसरे रेसलर थे, इससे पहले सुशील कुमार ने ये कमाल साल 2012 लंदन ओलिंपिक में किया था और देश के लिए सिल्वर मेडल जीता था, सुशील कुमार ने इससे पहले साल 2008 बीजिंग ओलिंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। अब रवि दहिया भारत के लिए ओलिंपिक में सिल्वर मेडल जीतने वाले दूसरे रेसलर बन गए हैं, लेकिन 57 किलो भारवर्ग में वो देश के लिए सिल्वर जीतने वाले पहले रेसलर बन गए।