केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का निधन, एस्कॉर्ट्स अस्पताल में ली अंतिम सांस

केंद्रीय उपभोक्ता कार्य, खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री राम विलास पासवान का आज 8 अक्टूबर को निधन हो गया है। वे 74 वर्ष के थे। राम विलास पासवान लंबे समय से बीमार चल रहे थे तथा वह अस्पताल में भर्ती थे, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।

रामविलास पासवान का एस्कॉर्ट्स अस्पताल में निधन
राम विलास पासवान के बेटे व एलजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने उनके निधन की जानकरी दी। चिराग पासवान ने ट्विट करके कहा कि ‘पापा….अब आप इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन मुझे पता है आप जहां भी हैं हमेशा मेरे साथ हैं, मिस यू पापा’ ध्यान रहे कि रामविलास पासवान का दिल्ली के एस्कॉर्ट्स अस्पताल में इलाज चल रहा था, अभी कुछ दिन पहले ही उनके दिल का ऑपरेशन भी हुआ था, यह बात भी चिराग पासवान ने ही ट्विट करके जानकारी दी थी।

कोविंद-मोदी ने पासवान के निधन पर दुख जताया
राम विलास पासवान के निधन से पूरा देश शोक में डूब गया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्विट करके कहा कि केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के निधन से देश ने एक दूरदर्शी नेता खो दिया है, उनकी गणना सर्वाधिक सक्रिय तथा सबसे लंबे समय तक जनसेवा करने वाले सांसदों में की जाती है, वे वंचित वर्गों की आवाज मुखर करने वाले तथा हाशिए के लोगों के लिए सतत संघर्षरत रहने वाले जनसेवक थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामविलास पासवान के निधन पर दुख जताया है, उन्होंने रामविलास पासवान को अच्छा दोस्त बताते हुए कहा कि मेरा निजी नुकसान हुआ है।

रामविलास भाई आप जल्दी चले गए- लालू
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्विट करके कहा कि सदैव गरीब और वंचित वर्ग के कल्याण व अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले हम सबके प्रिय राम विलास पासवान जी के निधन से मन अत्यंत व्यथित है, उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में हमेशा राष्ट्रहित और जनकल्याण को सर्वोपरि रखा, उनके स्वर्गवास से भारतीय राजनीति में एक शून्य उत्पन्न हो गया है। राजद सुप्रीमो लालू यादव ने ट्विट करके कहा कि रामविलास भाई के असामयिक निधन का दुःखद समाचार सुन अति मर्माहत हूं, विगत 45 वर्षों का अटूट रिश्ता और उनके संग लड़ी तमाम सामाजिक, राजनीतिक लड़ाइयां आंखों में तैर रही है, रामविलास भाई आप जल्दी चले गए, इससे ज्यादा कुछ कहने की स्थिति में नहीं हूं।

हमारा पूरा परिवार भाई चिराग के साथ खड़ा- तेजस्वी
बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि आदरणीय लालू जी हमेशा उनकी सेहत के लिए चिंतित रहते थे, चिराग पासवान जो हमारे बड़े भाई हैं, आज जब उनको सबसे ज्यादा जरूरत थी पिता की तब वो चले गए, हमारा पूरा परिवार उनके साथ खड़ा है। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने कहा कि भगवान से यहीं प्राथना करती हूं ईश्वर उनको अपने चरणों में जगह दे, पूरे बिहार की राजनीति में क्षति हुई है, पूरी हमारी पार्टी इससे दुखी है, पूरे परिवार, पूरी पार्टी को दुख हुआ है, आज हमलोग अपने घर में खाना भी नहीं बना सकते, शुरू का साथ था, 1977 में साथ ही दिल्ली गए थे, शुरू से एक दूसरे के यहां आना जाना था, आज बहुत दुख का दिन है।

प्रियंका-राहुल ने पासवान के निधन से दुखी
प्रियंका गांधी ने ट्विट करके कहा कि रामविलास पासवान जी वर्षों से मेरी मां के पड़ोसी रहे और उनके परिवार के साथ हमारा एक निजी रिश्ता था, उनके निधन की सूचना से बेहद दुःख हुआ है, चिराग जी और परिवार के समस्त सदस्यों को मेरी गहरी संवेदना, इस दुखद घड़ी में हम आपके साथ हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने रामविलास पासवान के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

लालू ने पासवान को मौसम वैज्ञानिक का नाम दिया था
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री ने लालू प्रसाद ने रामविलास पासवान को ‘मौसम वैज्ञानिक’ का नाम दिया था। रामविलास पासवान हवा के रुख के साथ राजनीति के अपने फैसले बदलने में माहिर थे, इसमें वो कामयाब भी रहे, इसी का नतीजा रहा कि उन्होंने छह प्रधानमंत्रियों के साथ काम किया। रामविलास पासवान देश के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक थे, उनके पास 5 दशक से भी ज्यादा का संसदीय अनुभव था जिसमें वह 9 बार लोकसभा और 2 बार राज्यसभा सांसद रहे। रामविलास पासवान वीपी सिंह, एचडी देवेगौड़ा, इंद्रकुमार गुजराल, अटल बिहारी वाजपेयी, मनमोहन सिंह और नरेंद्र मोदी इन सभी प्रधानमंत्रियों के कैबिनेट में अपनी जगह बनाने वाले एकमात्र व्यक्ति थे। रामविलास पासवान पहली बार वर्ष 1969 में एक आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र से संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के सदस्य के रूप में बिहार विधानसभा पहुंचे थे।

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