भागवत के बयान पर ओवैसी का पलटवार, कहा- RSS के पास दिमाग जीरो है और मुस्लिमों को लेकर नफरत 100 फीसदी

ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुसलमीन यानि एआईएमआईएम के चीफ व हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने आज कहा कि आरएसएस के पास दिमाग 0 है और मुस्लिमों को लेकर नफरत 100 फीसदी है।

RSS सिर्फ एंटी-मुस्लिम नफरत पैदा कर रहा है- ओवैसी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के मुस्लिम आबादी को लेकर दिए बयान पर बवाल मच गया है। हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने आज 22 जुलाई को ट्विट करके मोहन भागवत के कल दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि आरएसएस सिर्फ एंटी-मुस्लिम नफरत पैदा कर रहा है। दरअसल, मोहन भागवत ने 21 जुलाई को एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत को पाकिस्तान बनाने की कोशिश के लिए 1930 से ही मुस्लिम आबादी को बढ़ाने की कोशिश हो रही है।

आरएसएस के पास दिमाग जीरो है- ओवैसी
भागवत के बयान को लेकर असदुद्दीन ओवैसी ने आज ट्विटर पर दो ट्विट किए। ओवैसी ने पहले ट्वीट में लिखा कि ‘आरएसएस के भागवत का कहना है कि 1930 से ही मुस्लिम आबादी को बढ़ाने की संगठित तरीके से कोशिश की गई।’ उन्होंने आगे लिखा, ‘अगर सबका DNA एक ही है तो फिर गिनती क्यों हो रही है? दूसरी बात, 1950 से लेकर 2011 के बीच भारत में मुस्लिम आबादी की ग्रोथ रेट में में कमी आई है।’ उन्होंने लिखा कि आरएसएस के पास दिमाग जीरो (0) है और मुस्लिमों को लेकर नफरत 100 फीसदी है।

मुस्लिमों से नफरत करने की RSS की आदत- ओवैसी
अपने दूसरे ट्विट में ओवैसी ने लिखा, ‘मुस्लिमों से नफरत करने की आरएसएस की आदत रही है और वो धीरे-धीरे समाज में यही जगह घोल रहा है, इस महीने की शुरुआत में भागवत ने कहा था हम सब एक हैं, जिसके बाद उनके समर्थकों ने उन्हें बहुत परेशान किया होगा, इसलिए उन्हें फिर से मुस्लिमों को नीचा दिखाने और झूठ बोलने की ओर लौटना पड़ा।’ ओवैसी ने कहा कि आधुनिक भारत में हिंदुत्व की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

भागवत ने मुस्लिम आबादी को लेकर दिए थे बयान
ध्यान रहे कि संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि ‘1930 से ही संगठित तरीके से मुस्लिम आबादी को बढ़ाने की कोशिशें हुई हैं, ताकि उनकी ताकत को बढ़ाया जा सके, इसकी वजह उन्होंने गिनाई कि ऐसी कोशिश इसलिए हो रही ताकि इस देश को पाकिस्तान बनाया जा सके, ये सब पंजाब, सिंध, असम, बंगाल और आसपास के क्षेत्रों के लिए प्लान किया गया था, जिसमें कुछ हद तक सफलता भी मिली।’ मोहन भागवत ने कहा था कि पंजाब, बंगाल आधा ही मिल सका, असम इन्हें नहीं मिल पाया, लेकिन अब भी कई तरह से प्रयास किए जा रहे हैं।

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