केंद्र सरकार को किसान आंदोलन को दबाने के बजाय उनकी चिंताओं को सुनना चाहिए- सत्यपाल मलिक

मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने केंद्र सरकार से तीन कृषि कानूनों को लेकर किसानों की चिंताओं को सुनने का आग्रह किया है। सत्यपाल मलिक ने कहा कि केंद्र सरकार को किसान आंदोलन को दबाने के बजाय उनकी चिंताओं को सुनना चाहिए।

दोनों पक्ष जिम्मेदारी से बातचीत में शामिल हों- मलिक
राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने आज 31 जनवरी को समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि ‘मैं सचेत करना चाहूंगा कि दुनिया में किसी भी मुद्दे को दबाना कोई समाधान नहीं है, दबाने से यह कुछ समय के लिए नीचे चला जाता है, लेकिन फिर यह और भी बड़ी ताकत के साथ उभरता है।’ कृषि क्षेत्रों से लेकर सत्ता के गलियारों तक की अपनी यात्रा को याद करते हुए सत्यपाल मलिक ने कहा कि वह किसानों की चिंताओं को समझते हैं। उन्होंने कहा कि ‘इस मुद्दे का शीघ्र समाधान निकालना देश के हित में है, मैं केंद्र सरकार से किसानों की चिंताओं को सुनने का आग्रह करता हूं, दोनों पक्षों को जिम्मेदारी से बातचीत में शामिल होना चाहिए।’

केंद्र सरकार को हल निकालना होगा- मलिक
सत्यपाल मलिक ने कहा कि ‘जिस तरह से किसान 60 दिनों से बाहर पड़े हुए हैं, उनके परिवार के सदस्य भी परेशान हो रहे हैं, घरेलू काम बंद है। केंद्र सरकार की अपनी मजबूरियां हैं, लेकिन सरकार शीर्ष पर है तो उन्हें हल निकालना होगा। केंद्र सरकार के हाथ में सब कुछ है, उसे इस मुद्दे को महानता दिखाते हुए हल करना चाहिए और किसानों एवं कृषि के हित को ध्यान में रखते हुए समाधान करना चाहिए।’ सत्यपाल मलिक ने 26 जनवरी को दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा को लेकर कहा कि उन्हें विश्वास है कि जिन लोगों ने ट्रैक्टर रैली के दौरान कानून और व्यवस्था का उल्लंघन किया, वे किसान नहीं थे। ध्यान रहे कि 26 नवंबर, 2020 से दिल्ली के सीमाओं पर किसान तीन कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं।

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