जिस पाक विदेश मंत्री ने PM मोदी पर की थी विवादित टिप्पणी, अब उसे ही भारत ने दिया न्योता, जानिए ऐसा क्यों?

पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल जरदारी भुट्टो ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विवादित टिप्पणी करते हुए कहा था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के नहीं बल्कि आरएसएस के के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री हैं। अब भारत ने उसी पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल जरदारी भुट्टो को भारत आने का दिया न्योता दिया।

भारत ने भेजा बिलावल भुट्टो को न्योता
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बीते दिनों कहा कि ‘उनके देश ने तीन युद्धों से अपना सबक सीखा है’ और ‘भारत के साथ शांति से रहना चाहता है।’ इसके कुछ दिनों बाद ही भारत ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए इस्लामाबाद को निमंत्रण भेजा है, ये बैठक गोवा में होनी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर की ओर से इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के माध्यम से पाकिस्तानी विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी को बैठक के लिए मई के पहले सप्ताह में गोवा आने का निमंत्रण भेजा गया है।

SCO की बैठक 4-5 मई को!
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, गोवा में इस बैठक (SCO) का आयोजन 4 और 5 मई 2023 को हो सकता है। दिलचस्प बात है कि अगर पाकिस्तान न्योता स्वीकार करता है तो यह करीब 12 वर्षों में इस तरह की पहली यात्रा होगी। हिना रब्बानी खार जुलाई 2011 में भारत आने वाली अंतिम पाकिस्तानी विदेश मंत्री थीं।

चीन-रूस को भी भेजा गया निमंत्रण
शंघाई सहयोग संगठन में भारत और पाकिस्तान के अलावा चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं। इसी तरह का निमंत्रण मध्य एशियाई देशों के साथ चीन और रूस के विदेश मंत्रियों को भी भेजा गया है। हालांकि, द्विपक्षीय संबंधों में अब तक के सबसे निचले स्तर को देखते हुए पाकिस्तान के विदेश मंत्री को भारत का निमंत्रण विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

भारत ने पाकिस्तान को क्यों बुलाया?
एक शीर्ष अधिकारी ने द इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि अपनी ‘नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी’ को ध्यान में रखते हुए भारत पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी संबंधों की इच्छा रखता है, भारत की सतत स्थिति यह है कि भारत और पाकिस्तान के बीच कोई भी मुद्दा हो तो उसे आतंकवाद और हिंसा से मुक्त वातावरण में द्विपक्षीय और शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाना चाहिए, ऐसा अनुकूल माहौल बनाने की जिम्मेदारी पाकिस्तान की है। उन्होंने आगे कहा कि यह स्पष्ट कर दिया गया है कि भारत राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर समझौता नहीं करेगा और भारत की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता को कमजोर करने के सभी प्रयासों से निपटने के लिए दृढ़ और निर्णायक कदम उठाएगा।

भारत-पाकिस्तान के संबंधों में दरार
ध्यान रहे कि पिछले 8 वर्षों में भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध खराब हुए हैं। अगस्त 2015 में भारत ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री सरताज अजीज को निमंत्रण दिया था, लेकिन भारत की तत्कालीन विदेश मंत्री स्वर्गीय सुषमा स्वराज ने सरताज अजीज को भारत में हुर्रियत से मिलने से परहेज करने के लिए कहा था, जिसके बाद यात्रा रद्द हो गई थी।

बिलावल की PM मोदी पर विवादित बयान
गौरतलब है कि दिसंबर 2022 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत को घेरने में असफल रहे पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल जरदारी भुट्टो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निजी हमला बोला था। यूएनएससी में सारी हदें पार करते हुए पाक विदेश मंत्री ने पीएम मोदी और विदेश मंत्री पर आरोप लगाया था कि वो भारत के नहीं बल्कि RSS के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री हैं। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर की ओर से 9/11 के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन को पनाह देने वाली टिप्पणी पर बिलावल जरदारी भुट्टो ने कहा था कि मैं भारत को बताना चाहता हूं कि ओसामा बिन लादेन तो मर चुका है, लेकिन ‘गुजरात का कसाई’ अभी जिंदा है और भारत का प्रधानमंत्री है।

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