केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने दो दिवसीय ‘राष्ट्रीय आयुष मिशन कॉन्क्लेव’ का उद्घाटन किया

दो दिवसीय राष्ट्रीय आयुष मिशन कॉन्क्लेव की शुरुआत बृहस्पतिवार को केंद्रीय आयुष मंत्रालय और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से प्रतिबद्ध होकर जनता के स्वास्थ और कल्याण के लिए ‘इंटीग्रेटिव हेल्थ’ को प्राथमिकता देने के साथ हुई। केंद्रीय आयुष और बंदरगाह, नौवहन व जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोणोवाल ने मुख्य अतिथि डॉ. मनसुख मंडाविया, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की उपस्थिति में कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

2 आईसीटी पहल को भी लॉन्च
इस अवसर पर आयुष मंत्रालय के दो आईसीटी पहलों को भी लॉन्च किया गया। सर्बानंद सोणोवाल ने ई-लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (eLMS) का शुभारंभ किया, वहीं कॉम्प्रिहेंसिव एएचएमआईएस (Comprehensive AHMIS) पोर्टल, एक उन्नत ईएचआर (Electronic Health Record) प्रणाली को डॉ. मनसुख मंडाविया ने लॉन्च किया। उद्घाटन समारोह में आयुष राज्य मंत्री डॉ. मुंजपरा महेंद्रभाई के साथ उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गोवा, झारखंड, उत्तराखंड, असम, मिजोरम, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के प्रतिनिधियों सहित अन्य राज्यों के स्वास्थ्य व आयुष मंत्री भी उपस्थित रहे। केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोणोवाल ने वहां मौजूद सभी लोगों को ‘लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट शपथ’ दिलाई।

समारोह की अध्यक्षता सर्बानंद सोणोवाल की
समारोह की अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोणोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को स्वास्थ्य व कल्याण के लिए एकजुट होकर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया है। भारत को इस मोर्चे पर दुनिया का नेतृत्व करना होगा। चूंकि दोनों मंत्रालय लगातार काम कर रहे हैं, इसलिए हमारे संकल्प और शक्ति में कई गुना वृद्धि हुई है। भारतीय पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली की ताकत को पहचानते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जामनगर में ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन (WHO-GCTM) केंद्र की स्थापना के साथ भारत को भी सम्मानित किया है।

प्रत्येक नागरिक को स्वस्थ बनाना है- मंडाविया
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने इंटीग्रेटिव मेडिसिन पर अधिक जोर दिया और कहा कि आज की प्राथमिक आवश्यकता भारत के प्रत्येक नागरिक को स्वस्थ बनाना है। दोनों मंत्रालय जल्द ही “इंटीग्रेटिव हेल्थ” पॉलिसी लेकर आएंगे। डॉ. मंडाविया ने कहा कि भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली हमारी ताकत है और अब दुनिया ने इसे पूरी तरह से स्वीकार कर लिया है। उन्होंने योग का उल्लेख किया और कहा कि योग तंदुरूस्ती के लिए सबसे अच्छा है। अधिकांश जापानी आबादी स्वस्थ और ऊर्जावान रहने के लिए नियमित रूप से किसी न किसी रूप में योग का अभ्यास करती है।

आयुष प्रणालियां समस्याओं से निपटने में सक्षम
केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री डॉ. मुंजपरा महेंद्रभाई ने कहा कि आयुष अपने समग्र और एकीकृत दृष्टिकोण के साथ भारत की स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का समाधान करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने सभी का स्वागत किया और कहा कि आयुष प्रणालियां अपने समग्र दृष्टिकोण के कारण बीमारियों की प्राथमिक रोकथाम से संबंधित समस्याओं से निपटने में सक्षम हैं।

आयुष मिशन पर पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन प्रस्तुत
उद्घाटन सत्र के तुरंत बाद, राष्ट्रीय आयुष मिशन के माध्यम से देश में आयुष सेवाओं को मजबूत करने पर मंत्री स्तरीय विचार-विमर्श हुआ। भाग लेने वाले राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मंत्रियों व वरिष्ठतम स्वास्थ्य अधिकारियों ने एचडब्ल्यूसी (HWC) द्वारा भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य वितरण प्रणाली पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव को स्वीकार किया। चर्चा के दौरान मंत्रियों ने यह भी उल्लेख किया कि कैसे आयुष प्रणाली उनके राज्यों में विकसित हो रही है और रोजगार के अवसर पैदा कर रही है। आयुष मंत्रालय की संयुक्त सचिव कविता गर्ग ने राष्ट्रीय आयुष मिशन पर पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया।

NAM आयुष मंत्रालय का प्रमुख कार्यक्रम
गौरतलब है कि राष्ट्रीय आयुष मिशन (NAM) आयुष मंत्रालय का प्रमुख कार्यक्रम है और राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारों के सक्रिय सहयोग से यह राज्यों में स्वास्थ्य और कल्याण परिदृश्य को बदल रहा है। दो दिवसीय सम्मेलन (18 और 19 मई 2023) हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय का मार्ग प्रशस्त करेगा और एएचडब्ल्यूसी (AHWCs) के कामकाज को मजबूत करेगा।

NAM के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श
कॉन्क्लेव के दौरान, भाग लेने वाले राज्यों के विषय विशेषज्ञ राष्ट्रीय आयुष मिशन (NAM) के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श करेंगे, एनएएम के तहत बजट अवशोषण में वृद्धि की दक्षता पर ध्यान केंद्रित करेंगे और योजना के बेहतर निष्पादन के लिए संस्थानीकरण, आयुष स्वास्थ्य सुविधाओं व दवाओं की आपूर्ति को बेहतर करेंगे, आयुष के लिए क्षमता निर्माण और आयुष हेल्थ वेलनेस सेंटर (AHWCs) का उन्नयन, आयुष सार्वजनिक स्वास्थ्य में अनुसंधान और गुणवत्ता आश्वासन के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य व तकनीकी एकीकरण को मजबूत करने के लिए आयुष में शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने से संबंधित बिंदुओं पर गहन चर्चा करेंगे।

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