मौलाना महमूद मदनी ने संघ की तरफ बढ़ाया दोस्ती का हाथ, कहा- BJP और RSS से कोई मजहबी दुश्मनी नहीं

दिल्ली के रामलीला मैदान में चल रहे जमीयत उलेमा-ए-हिंद के 3 दिवसीय अधिवेशन के दूसरे दिन आज जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाया और कहा कि हमारी भाजपा-आरएसएस से कोई मजहबी दुश्मनी नहीं, बल्कि ऐसे मामलों को लेकर मतभेद है जो गलतफहमियां बढ़ाते हैं।

आइए आगे बढ़िए और गले मिलिए- मदनी
जमीयत उलेमा-ए-हिंद (Jamiat Ulema-E-Hind) के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने आज 11 फरवरी 2023 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाते हुए कहा है कि भाजपा और आरएसएस से कोई मजहबी दुश्मनी नहीं, सिर्फ गलतफहमियां बढ़ाने वाले मामलों को लेकर मतभेद हैं। दिल्ली के रामलीला मैदान में चल रहे जमीयत उलेमा-ए-हिंद के 3 दिवसीय अधिवेशन के दूसरे दिन मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि ‘हम आरएसएस के सामने दोस्ती का हाथ बढाते हैं, आइए आगे बढ़िए और गले मिलिए, हमें सनातन धर्म के बढ़ने से कोई परेशानी नहीं, लेकिन किसी को इस्लाम के बढ़ने से भी दिक्कत नहीं होनी चाहिए।’

ये हमारा देश है- मौलाना मदनी
मौलाना महमूद मदनी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि ‘मुल्क में बसने वाले दूसरे तबके के लोगों की बातों से हम इख्तिलाक (मतभेद) जरूर रख सकते हैं, लेकिन हम उनके मुखालिफ (विरोधी) नहीं हैं, हमारे मुल्क में बेशुमार जुबान है, अलग-अलग रहन सहन, सोचने के अलग-अलग तरीकों के बावजूद मुल्क जुड़ा है।’ उन्होंने कहा कि ये ख्याल कि हम पाकिस्तान चले गए होते, निकाल देना चहिए, जिन लोगों का कनेक्शन उनके साथ यानि मुगलों से था, वो 1947 में चले गए, ये हमारा देश है, ना हम आपके बुलाए आए हैं, ना कहने से जाएंगे।’

अधिवेशन में पेश किए गए 3 बड़े प्रस्ताव
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अधिवेशन के दूसरे दिन आज पसमांदा मुस्लमानों, मदरसों और यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर प्रस्ताव भी पेश किए गए, इस दौरान पसमांदा मुसलमानों को लेकर पास किए प्रस्ताव में जमीयत ने कहा कि ‘यह अच्छी बात है कि सरकार पसमांदा मुसलमानों के बारे में सोच रही है, हम उसका स्वागत करते हैं, लेकिन धारा 341 को अब खत्म करना चाहिए ताकि पसमांदा मुसलमानों को रिजर्वेशन का लाभ मिल सके, जो मजहब की बुनियाद पर हटा दिया गया।’

मदरसे मुसलमानों के लिए जान से भी प्यारे
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अधिवेशन में मदरसों की आजादी और उनकी सुरक्षा के मद्देनजर भी प्रस्ताव पास किया गया, जिसमें जमीयत ने कहा कि ‘मदरसों को टारगेट करना बंद करना होगा, मदरसे मुसलमानों की तालीम को बढ़ा रहे और आजादी से लेकर अब तक मदरसों का अहम किरदार रहा है, मदरसों में लगातार मॉडर्न एजुकेशन को जरूरी किया जा रहा है।’ जमीयत के मंच से कहा गया कि मदरसे मुसलमानों के लिए जान से भी प्यारे है, धर्म को आधार बनाकर मदरसों को टारगेट नहीं किया जा सकता।

UCC को लेकर सरकार पर आरोप
वहीं, समान नागरिक संहिता (UCC यानि Uniform Civil Code) को लेकर पास प्रस्ताव में सरकार पर आरोप लगाया गया कि यूसीसी के जरिए सरकार मुस्लिम पर्सनल लॉ को खत्म करना चाहती है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के सम्मेलन के आज 2 दिन पूरे हो गए हैं, अब कल इस सम्मेलन के तीसरे और आखिरी दिन हजारों लोगों के सामने इन 2 दिनों में पास हुए प्रस्ताव को पढ़ा जाएगा और देश के मुसलमानों को एक बड़ा मैसेज देने की कोशिश होगी।

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